वाराणसी , मई 1 -- धर्म नगरी काशी के असि क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए शुक्रवार को भव्य शिला पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम विधिवत रूप से संपन्न हुआ।

इस पावन अवसर पर कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती ने अपने करकमलों द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार का शिलान्यास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मंगल कलश धारण कर भाग लिया। इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य शिला पूजन एवं शिलान्यास की विधि सम्पन्न हुई।

शिलान्यास के पश्चात जगद्गुरु शंकराचार्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किया और काशी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर बल दिया। उनके आगमन पर काशी के साधु-संतों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया।

इस अवसर पर काशी विद्वत् परिषद के अध्यक्ष सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों से चयनित 108 प्रतिभाशाली व्यक्तियों को जगद्गुरु शंकराचार्य जी द्वारा सम्मानित किया गया। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि मंदिर का जीर्णोद्धार न केवल इसकी संरचना को सुदृढ़ करेगा, बल्कि काशी की समृद्ध धार्मिक विरासत को और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान करेगा। नए मंदिर का शिखर 108 फीट ऊंचा होगा। धाम क्षेत्र में धर्मशाला के साथ-साथ वेद विद्यालय का भी निर्माण किया जाएगा। भक्तों के लिए प्रसाद ग्रहण हेतु रसोईघर एवं प्रसाद भवन बनाया जाएगा।

नागर शैली में करीब तीन वर्षों में मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य पूरा होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य में ट्रस्ट से जुड़े लोगों के साथ-साथ अन्य श्रद्धालुओं की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित