वाराणसी , फरवरी 6 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बावजूद वाराणसी में चाइनीज मांझे का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार को मालवीय पुल पर चाइनीज मांझे की चपेट में आकर एक स्वास्थ्यकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया। मांझे से उनके चेहरे, भौंह और पलकों के ऊपरी हिस्से में गहरे कट लग गए, जिन पर चिकित्सकों को 16 टांके लगाने पड़े।

जानकारी के अनुसार चंदौली के पड़ाव निवासी महेंद्र पाल, जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पड़ाव में लैब टेक्नीशियन हैं, किसी कार्य से राजघाट की ओर गए थे और लौटते समय मालवीय पुल पर अचानक चाइनीज मांझा उनके चेहरे से उलझ गया। बाइक रोकने की कोशिश में मांझा चेहरे को चीरता चला गया और वे लहूलुहान हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मफलर से खून रोकने का प्रयास किया और उन्हें रामनगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद टांके लगाए गए।

गौरतलब है कि प्रदेश में चाइनीज मांझे से लगातार हादसे सामने आ रहे हैं। लखनऊ में एक व्यक्ति की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में हत्या का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल जारी है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सख्त निगरानी और प्रभावी अभियान के बिना इस खतरनाक मांझे पर रोक संभव नहीं है। बार-बार चेतावनियों और प्रतिबंधों के बावजूद बाजार में इसकी उपलब्धता चिंता का विषय बनी हुई है।

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