वाराणसी , फरवरी 04 -- उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार देर रात मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी सुपारी किलर बनारसी यादव को मार गिराया। बनारसी पर सारनाथ थाना क्षेत्र में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या का मुख्य आरोप था।
मुठभेड़ चौबेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बारियासनपुर रिंग रोड पर हुई। बनारसी यादव की सूचना मिलने पर एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने संबंधित थानों की मदद से घेराबंदी की। बनारसी यादव खुद को घिरा देखकर उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। घायल अवस्था में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। बनारसी यादव पर दो दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
21 अगस्त 2025 को करोड़ों की जमीन के विवाद में बनारसी यादव ने गाजीपुर के शूटरों को सुपारी देकर कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या कराई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य शूटर अरविंद फौजी सहित चार आरोपियों को पहले ही जेल भेज दिया था।
एसटीएफ के अनुसार, सूचना मिली थी कि बनारसी यादव गाजीपुर-वाराणसी हाईवे से होते हुए कहीं भागने की फिराक में था। घेराबंदी के दौरान उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई।
सुपारी देने वालाजमीन विवाद में हत्या की सुपारी गाजीपुर के जोगेंद्र यादव ने बनारसी यादव को दी थी। बनारसी ने अरविंद यादव और विशाल को तीन शूटरों के साथ दो-दो लाख रुपये और पिस्टल मुहैया कराए थे।
इस हत्याकांड में आरोपी अरविंद यादव, जोगेंद्र यादव, संपूर्णानंद शुक्ला उर्फ चंदन, श्याम राजभर, रेखा प्रधान और मोहम्मद मुकीम वर्तमान में जेल में बंद हैं।
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