वाराणसी , फरवरी 18 -- वाराणसी नगर निगम मुख्यालय का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। सिगरा स्थित परिसर में जर्जर भवनों को ध्वस्त कर करीब 97 करोड़ रुपये की लागत से काशी-गंगा थीम पर आधारित भव्य एवं हाईटेक नगर निगम सदन भवन का निर्माण किया जाएगा। इसकी बाहरी संरचना शिवलिंग की आकृति जैसी होगी।

महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि भवन को प्रारंभ में जी-प्लस-फोर (चार मंजिला) स्तर पर 21,858.01 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनाया जाएगा। भविष्य में आवश्यकता होने पर इसे जी-प्लस-सेवन तक विस्तारित करने का प्रावधान रखा गया है। परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों रखे जाने की तैयारी है।

निर्माण कार्य सीएंडडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा ईपीसी मोड पर 15 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भवन की रूपरेखा ऐसी होगी कि प्रशासनिक कार्यों के साथ काशी की सांस्कृतिक पहचान भी परिलक्षित हो। भूतल पर पुलिस चौकी, बैंक, पोस्ट ऑफिस, पीआरओ कार्यालय, डाटा सेंटर, कंप्यूटर सेल, कैंटीन तथा जन्म-मृत्यु पंजीकरण कक्ष जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

प्रथम तल पर 180 पार्षदों की क्षमता वाला अत्याधुनिक सदन हॉल बनाया जाएगा। द्वितीय तल पर पार्षद कक्ष एवं वीवीआईपी रूम, तृतीय तल पर मीटिंग रूम और टैक्स विभाग, जबकि चतुर्थ तल पर महापौर, नगर आयुक्त एवं अपर नगर आयुक्तों के कार्यालय और बड़ा कॉन्फ्रेंस हॉल प्रस्तावित है। भवन में दो लिफ्ट, आधुनिक शौचालय और सर्वर रूम जैसी सुविधाएं होंगी, जिससे यह उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक नगर निगम मुख्यालयों में शामिल हो सके।

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