नैनीताल , अप्रैल 09 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने काशीपुर निवासी किसान की आत्महत्या के मामले में दर्ज मुकदमों और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को अहम निर्देश जारी किए हैं।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को आगे बढ़ा दिया है। साथ ही राज्य सरकार को मामले की जांच की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मामले में आरोप पत्र तैयार की जा चुकी है और कुल 12 लोग नामजद हैं। इस पर कोर्ट ने सरकार से इस संबंध में अतिरिक्त शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। वहीं, याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकार द्वारा दाखिल शपथपत्र पर अपना जवाब प्रस्तुत करें।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
मामले के अनुसार, काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के काठगोदाम स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले मृतक ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर कई लोगों पर जमीन से जुड़े विवाद में धोखाधड़ी और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उसने ऊधमसिंह नगर पुलिस और अधिकारियों पर भी कई आरोप लगाए थे।
घटना के बाद मृतक के भाई की तहरीर पर आईटीआई थाना पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने अदालत से गिरफ्तारी पर रोक लगाने और दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग की है।
मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है और उच्च स्तर पर इसकी निगरानी की जा रही है।
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