नयी दिल्ली/हैदराबाद , अप्रैल 22 -- तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति (टीपीसीसी) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने बुधवार को स्पष्ट किया कि कालेश्वरम मुद्दे पर उच्च न्यायालय के फैसले ने किसी को 'क्लीन चिट' नहीं दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होकर रहेगी।
श्री गौड ने नयी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि अदालत ने न्यायमूर्ति पी.सी. घोष आयोग की रिपोर्ट में कोई खामी नहीं पाई है, बल्कि केवल जांच के तरीके में प्रक्रियागत कमियों की ओर इशारा किया है। उन्होंने कहा, "दोषी बच नहीं पाएंगे। उन्हें न्याय के कठघरे में लाने की प्रक्रिया में देरी हो सकती है, लेकिन इसे रोका नहीं जा सकता।"कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कालेश्वरम परियोजना में भ्रष्टाचार 'निर्विवाद' है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) शासन के दौरान लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत से बनी इस परियोजना में उन्हीं के कार्यकाल के दौरान संरचनात्मक समस्याएं आ गई थीं।
श्री गौड़ ने कहा कि उच्च न्यायालय का फैसला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या किसी अन्य जांच में बाधा नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फैसले का विस्तार से अध्ययन करेगी और उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मामले को सीबीआई को सौंपने के लिए सरकारी आदेश और अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रुख पर सवाल उठाते हुए श्री गौड़ ने पूछा कि केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और भाजपा नेता बंदी संजय कुमार इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा नेताओं ने पहले कालेश्वरम को 'एटीएम' कहा था और त्वरित कार्रवाई का वादा किया था। उन्होंने मांग की कि भाजपा स्पष्ट करे कि सीबीआई जांच अभी तक आगे क्यों नहीं बढ़ी है।
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