मुरादाबाद, दिसंबर 16 -- उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की कार्यसंस्कृति बदले बगैर सांगठनिक चेहरा बदलने से सामाजिक विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता है।

दिल्ली रोड़ स्थित हालीडे रीजेंसी में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में श्री राय ने कहा कि कुर्मी,पटेल समाज की अपेक्षाएं केवल प्रतिकात्मक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं हैं।पंकज चौधरी की नियुक्ति से स्पष्ट है कि योगी आदित्यनाथ और केंद्र के बीच तालमेल नहीं है। किसी समाज को साधने के लिए प्रतिनिधित्व देने से काम नहीं चलने वाला। बनारस में ज़मीन अधिग्रहण के मामले में सबसे ज्यादा उत्पीड़न पटेल जाति का किया गया है।

उन्होने कहा कि काशीद्वार, ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की आड़ में पटेल जाति के लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पुलिस द्वारा लाठियां भांजी गईं तब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी कहां थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में शिक्षा , रोजगार, भ्रष्टाचार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सामाजिक सम्मान, और राजनीतिक भागीदारी पर नीतिगत स्पष्टता नहीं है। समाज के हक़ में काम नहीं करने की अवधारणा की वजह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राह आगे भी आसान होने वाली नहीं है।उनकी रणनीति लोकसभा चुनावों की तरह खोखली साबित होगी।

श्री राय ने आरोप लगाया कि गेरुआ वस्त्र धारण करना ऊपर से वर्गवाद, जातिवाद फैलाना, जनता से झूठ बोलना, बुलडोजर राजनीति, कोडीन कफ सीरप तस्करों को संरक्षण देना और तस्करों के खिलाफ़ मोर्चा खोलने वालों को जेल भेजकर प्रताड़ित करने को लेकर जनता पूरी तरह ऊब चुकी है।

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