ओटावा , फरवरी 26 -- प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे से पहले कनाडा ने दोनों देशों के बीच तनाव खत्म होने की संभावनाओं का संकेत देते हुए कहा है कि भारत अब उसकी सरज़मीन पर हिंसक अपराधों में शामिल नहीं है।
टोरोंटो स्टार की ओर से प्रकाशित एक खबर के अनुसार, एक वरिष्ठ कनाडाई अधिकारी ने बुधवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कनाडा सरकार को विश्वास है कि अब इस तरह की घटनाएं नहीं हो रहीं। रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से कहा गया, " हमारा कूटनीतिक आदान-प्रदान बहुत मज़बूत है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच भी है। मुझे लगता है कि अब यह कह सकते हैं कि उस तरह की कोई गतिविधि जारी नहीं है। "अप्रैल 2025 में कनाडा की कमान संभालने वाले श्री कार्नी गुरुवार को भारत के लिए रवाना होंगे। यह उनके हिंद-प्रशांत दौरे का पहला पड़ाव होगा। भारत में मुंबई और नयी दिल्ली का दौरा करने के बाद श्री कार्नी ऑस्ट्रेलिया और जापान भी जायेंगे। इस दौरे का लक्ष्य द्विपक्षीय संबंधों को फिर से कायम करना और व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा एवं कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) में सहयोग का विस्तार करना है।
उल्लेखनीय है कि कनाडा ने 2023 में खालिस्तान-समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर लगाया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते कटु हो गये थे। इस विवाद के कारण दोनों देशों ने अक्टूबर 2024 में उच्चायुक्तों और राजनयिकों को वापस बुला लिया गया।
श्री कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायुक्तों को काम पर लौटा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ स्तर पर व्यवस्थित बातचीत ने संवाद के लिए रास्ता बनाया है।
अपने भारत दौरे पर श्री कार्नी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं अन्य उद्यमियों से मिलकर दोनों देशों के बीच आर्थिक और निवेश संबंध मज़बूत करेंगे। साल 2024 में भारत कनाडा का सातवां सबसे बड़ा व्यापार-साथी था। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 30.8 अरब डॉलर था। नों ही देश फिलहाल एक विस्तृत आर्थिक साझेदारी समझौते पर बातचीत कर रहे हैं जिससे व्यापार 2030 तक 70 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है।
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