रायगढ़ , फरवरी 09 -- छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के कारीछापर रेलवे साइडिंग क्षेत्र में कोयला मिलावट का बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि यहां डस्ट (कोयला चूर्ण) को कोयले में मिलाकर एनटीपीसी सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और वाशरियों को सप्लाई किया जा रहा है। इस अवैध गतिविधि में रोजाना सैकड़ों ट्रेलर डस्ट लाकर कोयले में मिक्स किया जा रहा है, जिसके बाद मिलावटी कोयले की आपूर्ति की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, कारीछापर में पहले डस्ट और कोयले की मिक्सिंग की जाती है, फिर बदले हुए कोयले को रायगढ़ स्थित पावर प्लांटों और घरघोड़ा क्षेत्र की वाशरी में भेजा जा रहा है। इस पूरे खेल में संबंधित विभागों के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि इस कोयला हेराफेरी से सरकारी और औद्योगिक संस्थानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, जबकि कोयला माफिया करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमा रहे हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह घोटाला करीब 100 करोड़ रुपये तक का हो सकता है।

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