पटना , फरवरी 21 -- जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव पर हमला करते हुये शनिवार को कहा कि यह अत्यंत विडंबनापूर्ण है कि जिनके माता-पिता के शासनकाल में बिहार जंगलराज का पर्याय बन गया था ,वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं।
श्री कुशवाहा ने आज बयान जारी कर कहा कि लालू-राबड़ी शासनकाल में माताएं-बहनें भय के साये में जीवन जीने को विवश थीं। पूरे प्रदेश में असुरक्षा और अराजकता का वातावरण व्याप्त था। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित थी, जबकि जमीनी हकीकत में अपराधियों का बोलबाला था। थानों में आम लोगों की प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की जाती थी। वह 15 वर्षों का शासनकाल बिहार के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसे प्रदेश की जनता आज भी नहीं भूली है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में भयमुक्त वातावरण स्थापित है। बेटियाँ बिना किसी डर के स्कूल एवं कॉलेज जा रही हैं, क्योंकि उन्हें राज्य की शासन व्यवस्था पर अटूट विश्वास है। इसी विश्वास का परिणाम है कि जो बेटियाँ पूर्ववर्ती सरकारों के समय घर की चैखट से बाहर निकलने में भी डरती करती थीं, वे आज हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।
श्री कुशवाहा ने आरोप लगाया कि लालू-राबड़ी की सरकार में अपराधियों को मुख्यमंत्री आवास में शरण दी जाती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार अपराधियों को पाताल से भी ढूंढकर सलाखों के पीछे भेजती है। यही सुशासन की सरकार और जंगलराज के बीच का स्पष्ट अंतर है। प्रदेश की जनता अतीत और वर्तमान का अंतर भली-भांति समझती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित