मोहाली , दिसंबर 17 -- पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बुधवार को मोहाली के फेज़-11 में चल रही तोड़फोड़ कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी(आप) सरकार कानून के नाम पर मनमानी और गैर-कानूनी कार्रवाई कर रही हैं।

श्री सिद्धू ने आरोप लगाया कि गमाडा बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए और प्रभावित लोगों को पूर्व सूचना दिए बिना ज़बरन तोड़फोड़ कर रही है, जो पूरी तरह अवैध, मनमानी और असंवैधानिक है। उन्होंने कहा, "यह मेहनतकश लोगों पर थोपी जा रही बुलडोज़र-शैली की शासन व्यवस्था है।"उच्चतम न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए श्री सिद्धू ने कहा कि शीर्ष अदालत बार-बार स्पष्ट कर चुकी है कि आजीविका का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 का अभिन्न हिस्सा है। ओल्गा टेलिस बनाम बॉम्बे नगर निगम सहित ऐतिहासिक फैसलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिना उचित नोटिस, सुनवाई, कानूनी प्रक्रिया और पुनर्वास के कोई भी बेदखली या तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जा सकती, और इन सिद्धांतों का उल्लंघन कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा , "अदालती आदेशों का दुरुपयोग प्रशासनिक अहंकार को छिपाने के लिए नहीं किया जा सकता। शीर्ष न्यायालय ने स्वयं कहा है कि कार्रवाई निष्पक्ष, मानवीय और कानूनी होनी चाहिए।"बलबीर सिंह सिद्धू ने ऐलान किया कि वह और कांग्रेस पार्टी ऐसी अवैध तोड़फोड़ को किसी भी कीमत पर होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा, "हम और कांग्रेस, आप सरकार को मोहाली के लोगों के अधिकारों और रोज़गार पर बुलडोज़र चलाने नहीं देंगे। हम सड़कों पर, अदालतों में और हर लोकतांत्रिक मंच पर जनता के साथ खड़े रहेंगे।" उन्होने आप सरकार से तुरंत तोड़फोड़ अभियान रोकने, गमाडा पर नियंत्रण लगाने और प्रभावित निवासियों व दुकानदारों से संवाद शुरू करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार चयनात्मक और ज़बरदस्ती की कार्रवाई जारी रखती है, तो कांग्रेस पार्टी राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर संघर्ष तेज़ करेगी।

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