कानपुर , मई 02 -- उत्तर प्रदेश के कानपुर में बोलने और सुनने से जुड़ी समस्याओं के इलाज, विशेष शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अखिल भारतीय वाक् एवं श्रवण संस्थान का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। यह संस्थान मैसूर स्थित केंद्र के सैटेलाइट के रूप में विकसित हो रहा है और इसके पूर्ण होने पर यह देश का दूसरा तथा उत्तर भारत का पहला इस स्तर का संस्थान होगा। करीब 81 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में 180 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना को 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में इस स्तर का प्रमुख संस्थान केवल मैसूर में संचालित है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और तय मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं होगा तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
परियोजना के तहत 102-102 छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास बनाए जा रहे हैं, जिससे देशभर से आने वाले विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त चिकित्सीय ब्लॉक और पूर्व-प्राथमिक ब्लॉक का निर्माण भी तेजी से जारी है। पूर्व-प्राथमिक ब्लॉक में छोटे बच्चों में शुरुआती अवस्था में ही सुनने और बोलने से जुड़ी समस्याओं की पहचान और उपचार की व्यवस्था होगी, जिससे समय पर हस्तक्षेप संभव हो सकेगा।
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