कानपुर , मार्च 23 -- कानपुर में बिल्हौर तहसील का भीटी हवेली गांव उन्नत खेती और आधुनिक तकनीकों के जरिए किसानों की बढ़ती आय का उदाहरण बनकर उभर रहा है। यहां किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मक्का, सब्जियों और फूलों की वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रहे हैं।

सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गांव का निरीक्षण कर मल्टी लेयर फार्मिंग जैसी उन्नत तकनीकों का जायजा लिया। इस दौरान उपनिदेशक कृषि आर.एस. वर्मा और जिला कृषि अधिकारी प्राची पांडेय भी मौजूद रहीं। जिलाधिकारी ने किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल पूरे जनपद के लिए प्रेरणादायक है।

गांव में कुल 453 किसान हैं और 225 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जा रही है, जिसमें 375 किसान करीब 175 हेक्टेयर क्षेत्र में जायद मक्का की खेती कर रहे हैं। पारंपरिक फसलों की जगह अब मक्का, सब्जियों और फूलों की खेती से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मल्टी लेयर फार्मिंग के तहत करीब 50 किसान 50 हेक्टेयर क्षेत्र में एक ही खेत में विभिन्न स्तरों पर कई फसलें उगा रहे हैं। प्रगतिशील किसान सुनील सिंह कटियार के खेत में परवल, कुंदरू, बैंगन और फूलों की एक साथ खेती इसका उदाहरण है।

सुनील सिंह कटियार को जिले में सर्वाधिक मक्का उत्पादन के लिए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत कृषि यंत्र भी स्थापित किए हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस मॉडल में प्रति हेक्टेयर लागत लगभग 1.5 से 2 लाख रुपये आती है, जबकि आय 8 से 10 लाख रुपये तक पहुंच रही है, जो पारंपरिक खेती से कई गुना अधिक है।

उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि इस मॉडल को अन्य किसानों तक पहुंचाया जाए तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देते हुए कम पानी वाली फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।

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