हैदराबाद , दिसंबर 20 -- कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में सिकंदराबाद के पैराडाइज में एक रैली निकाली।

यह विरोध-प्रदर्शन अखिल भारतीय कांग्रेेस समिति (एआईसीसी) के आह्वान पर तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति (टीपीसीसी) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

टीपीसीसी प्रमुख और विधायक महेश कुमार गौड ने सभा को संबोधित करते हुए भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला और उन पर जानबूझकर महात्मा गांधी और गांधी परिवार की विरासत को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गांधी का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं और दावा किया कि गांधी जी की विरासत को मिटाने की कोशिश की जा रही है क्योंकि भाजपा 'गोडसे की पूजा करती है।'उन्होंने कहा कि मनरेगा से गांधी जी का नाम अलोकतांत्रिक तरीके से हटाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों के दिलों से महात्मा गांधी की जगह को मिटाया नहीं जा सकता।

श्री गौड ने इस योजना की शुरुआत को याद करते हुए कहा कि मनरेगा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सलाह-मशविरा करने के बाद शुरू की गई थी और यह ग्रामीण गरीबों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी देती है।

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