सुकमा , दिसंबर 06 -- छत्तीसगढ में सुकमा नगर पालिका परिषद के टेंडर विवाद में कांग्रेस ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर कथित भ्रष्टाचार , अनियमितताएं एवं पक्षपात के आरोपों के खिलाफ पालिका कार्यालय के सामने धरना दिया।
कांग्रेस ने आज कथित अनियमितताओं और पक्षपात के आरोपों के खिलाफ पालिका कार्यालय के सामने धरना देकर भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष आयशा हुसैन के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में काम करते हुए कई ठेकेदारों को टेंडर फॉर्म उपलब्ध नहीं करा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के रोजगार और विकास कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
आयशा हुसैन ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ के बजाय वास्तविक नियंत्रण भाजपा नेताओं के हाथों में है। उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्स के पैसे पर कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को ही अनुचित लाभ दिया जा रहा है, जबकि ईमानदारी से काम करने वाले युवाओं को टेंडर प्रक्रिया से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो कांग्रेस कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपने के साथ नगर पालिका परिषद का घेराव भी करेगी।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष शेख सज्जार ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के करीबी ठेकेदारों को ही लगातार टेंडर दिए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय युवा और छोटे ठेकेदार हाशिए पर चले गए हैं। उनके अनुसार प्रतिस्पर्धा खत्म होने से विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। धरने में जिला प्रवक्ता मोहम्मद हुसैन, सतेंद्र गुप्ता, शेख नजीर, रिंकु दास सहित कई कांग्रेस नेता शामिल हुए और भाजपा पर विकास कार्यों को बाधित करने का आरोप लगाया।
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