रायपुर , जनवरी 29 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार से धान खरीदी की अंतिम तिथि को एक माह आगे बढ़ाने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 31 जनवरी तक खरीदी बंद करने के फैसले से अब तक तीन लाख से अधिक किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं।

श्री बैज ने गुरुवार को आरोप लगाया कि लगभग 4.7 लाख किसानों का पंजीयन भी नहीं हो सका है। उन्होंने मांग की कि सरकार खरीदी अवधि बढ़ाए, ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया फिर से शुरू करे और सभी सहकारी समितियों में ऑफलाइन टोकन देना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के हर किसान का धान सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि किसानों को धान बेचने से रोकने के लिए बिना सहमति जबरन रकबा सरेंडर करवाया गया और पहले जारी टोकन निरस्त किए गए। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में 27 लाख से अधिक किसान तय तारीख तक अपना धान नहीं बेच पाएंगे, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा।

श्री बैज ने कहा कि एग्रीस्टैक पोर्टल की खामियों, रकबा कम दिखाए जाने, खरीद केंद्रों की सीमा न बढ़ाए जाने और धान के उठाव में देरी के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने कांकेर जिले के ग्राम बारकोट के किसानों का उदाहरण दिया, जो 150 किलोमीटर चलकर कलेक्टर से मिले लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं निकला। उन्होंने इसे सरकार द्वारा जानबूझकर रचा गया षड्यंत्र बताया ताकि किसान धान बेचने से वंचित रहें और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच सके।

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