शिमला , दिसंबर 28 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को यहां रिज पर केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा को कमजोर किये जाने के विरोध में धरना दिया।
दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री श्री सुखू समेत उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विनय कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और अन्य पार्टी नेताओं ने के साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को कमजोर करने के विरोध में हुए प्रदर्शन में भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत फंडिंग पैटर्न में बार-बार बदलाव और मजदूरी भुगतान में देरी से ग्रामीण आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। यह रोजगार गारंटी योजना की भावना को कमजोर कर रहा है।
उन्होंने कहा कि गरीब ग्रामीणों और हाशिये पर मौजूद वर्गों के लिए मनरेगा जीवनरेखा रही है, खासकर हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में। इसे कमजोर करने के किसी भी प्रयास का वे सख्ती से विरोध करेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी और मांग की कि केंद्र सरकार पर्याप्त फंडिंग बहाल करे और बड़े जनहित में समय पर मनरेगा लागू करना सुनिश्चित करे।
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