हैदराबाद , अप्रैल 22 -- तेलंगाना में कालेश्वरम परियोजना को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस नेताओं ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है।

भुवनगिरी के सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी और राज्य विधानसभा में पार्टी के सचेतक एन्नम श्रीनिवास रेड्डी ने इस मामले में तत्काल केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।

गांधी भवन में पत्रकारों से बात करते हुए सांसद ने उच्च न्यायालय के हालिया आदेश पर बीआरएस नेताओं के जश्न मनाने पर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत ने किसी को 'क्लीन चिट' नहीं दी है और न ही न्यायमूर्ति पी.सी. घोष आयोग के निष्कर्षों को गलत ठहराया है।

श्री चमाला रेड्डी ने कहा, "आयोग और नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी (एनडीएसए) दोनों ने मेदिगड्डा बराज के पिलर धंसने के लिए अधिकारियों और तत्कालीन सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार माना है।" उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश की कॉपी मिलने के बाद राज्य सरकार आगे के कदम पर फैसला लेगी।

वहीं, सचेतक एन्नम श्रीनिवास रेड्डी ने भाजपा और बीआरएस के बीच 'मिलीभगत' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव के दौरान कालेश्वरम को 'एटीएम' कहा था, लेकिन अब भाजपा कुछ लोगों को भ्रष्टाचार के आरोपों से बचा रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह दोनों पार्टियों के बीच गुप्त समझौते का संकेत देती है।

दोनों नेताओं ने मांग की कि केंद्र सरकार को इस परियोजना की सच्चाई सामने लाने के लिए तुरंत सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति खराब हुई है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'सत्यमेव जयते' के सिद्धांत के अनुसार अंततः सच की ही जीत होगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित