अलाप्पुझा , अप्रैल 06 -- कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक फ्रंट (यूडीएफ) ने चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज की है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केरल के हरिपद विधानसभा क्षेत्र में उनके उम्मीदवार के खिलाफ 'दुर्भावनापूर्ण' डीपफेक वीडियो फैला रही है ताकि केरल चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ा जा सके।

यूडीएफ चुनाव समिति के चेयरमैन अनिल बी कलथिल की ओर से दर्ज की गयी शिकायत में गठबंधन ने कहा कि भाजपा की चुनाव प्रचार मशीनरी एआई से बनी इस वीडियो को फेसबुक और व्हाट्सऐप पर तेजी से फैला रही है। शिकायत के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही वीडियो में एआई की मदद से यूडीएफ उम्मीदवार को सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील बातें बोलते हुए दिखाया गया है।

यूडीएफ ने इस घटनाक्रम को 'गंभीर एवं अभूतपूर्व' करार देते हुए चुनाव आयोग से फौरन हस्तक्षेप की अपील की ताकि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा की जा सके। शिकायत में कहा गया कि इस वीडियो का प्रसार सीधे तौर पर मतदाताओं को बहकाने और झूठ के जरिए जनमत को प्रभावित करने की कोशिश है।

यूडीएफ ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वह साइबर सेल अधिकारियों और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को निर्देश दे कि वे कथित डीपफ़ेक वीडियो की तुरंत पहचान करें, उसे हटाएं और उसके प्रसार को रोकें। उसने पुलिस को यह निर्देश देने की भी मांग की है कि जो लोग इस सामग्री को बनाने और फैलाने के लिए ज़िम्मेदार हैं, उनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। इसके लिए उसने मानहानि और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिशों से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।

इसके अलावा, शिकायत में यह मांग की गयी कि आयोग भाजपा को नोटिस जारी करे और पार्टी तथा उसके उम्मीदवार के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई शुरू करे, जिसे उसने "भ्रष्ट चुनावी आचरण" करार दिया।

यूडीएफ ने अपने दावों के समर्थन में आयोग की जांच के लिए वीडियो की प्रतियां और संबंधित लिंक जमा किए हैं, जिनमें कथित तौर पर विरोधी उम्मीदवार के सोशल मीडिया खातों से प्राप्त सामग्री भी शामिल है।

शिकायत के आखिर में चुनाव आयोग से "सख्त और मिसाल बनने वाली कार्रवाई" करने की अपील की गयी है और चेतावनी दी गयी है कि चुनाव प्रचार में डीपफेक तकनीक का इस तरह इस्तेमाल आज़ाद और निष्पक्ष चुनावों के लिए एक गंभीर खतरा है।

इसमें यह भी कहा गया है कि ऐसी तरकीबें "केरल के चुनावी इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गयीं।" उसने भाजपा पर डिजिटल हेरफेर और गुमराह करने वाले प्रचार के ज़रिए लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया को बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।

इन आरोपों के संबंध में भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।

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