जैतो , मार्च 31 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिहं बादल ने मंगलवार को कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी (आप) सरकारों पर बेअदबी के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया तथा सवाल किया कि 597 दर्ज मामलों में केवल 44 दोषसिद्धि क्यों हुई और दोनों सरकारों ने सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की।
शिअद अध्यक्ष एक समाचार रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें कहा गया था कि पिछले दस वर्षों में पंजाब में 597 बेअदबी की घटनाएं हुईं, लेकिन केवल 44 मामलों में सजा हुई और 99 में आरोपियों को बरी कर दिया गया।
पंजाब बचाओ अभियान के तहत यहां आयोजित एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए श्री बादल ने स्वयंभू पंथिक नेताओं बलजीत सिंह दादूवाल और धियां सिंह मंड से सवाल किया कि उन्होंने 597 घटनास्थलों में से एक का भी दौरा क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं का उद्देश्य 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले में शिअद सरकार को बदनाम करना था।
श्री बादल ने कहा कि पंजाब में बेअदबी की घटनाएं 2014 में आप के राज्य में प्रवेश के बाद शुरू हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि आप विधायक नरेश यादव को बेअदबी मामले में दोषी ठहराया गया था, बावजूद इसके पार्टी ने उन्हें बचाने की कोशिश की। मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब को शिक्षा में नंबर-1 बताने के दावे झूठे हैं। उन्होंने पूछा कि सरकार ने एक भी नया स्कूल क्यों नहीं खोला और शिक्षकों की नयी भर्ती क्यों नहीं की गई, जबकि पुराने स्कूलों को रंग-रोगन कर 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' का नाम दिया जा रहा है।
एक नए कथित घोटाले का जिक्र करते हुए श्री बादल ने कहा कि आप सरकार ने मोगा में सरकारी खर्च पर रैली की और अब पूरे पंजाब में 16,000 रैलियां, बैठकें और ग्राम सभाएं आयोजित करने की योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंट, कुर्सियों और भोजन के ठेके ऊंची दरों पर देकर कमीशन लिया जा रहा है। उन्होंने राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया से इस मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की ताकि कथित भ्रष्टाचार की राशि की वसूली की जा सके।
गुजरात में चल रहे चुनाव प्रचार के दौरान आप द्वारा किए जा रहे दावों पर भी उन्होंने सवाल उठाए। पंजाब के लिए अपना विजन प्रस्तुत करते हुए श्री बादल ने कहा कि शिअद राजस्थान नहर में पानी नहीं जाने देगी और पंजाब के किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन तथा दिन में 12 घंटे बिजली दी जाएगी। उन्होंने एक विश्व कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की, जो हर साल एक लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देगा।
इसके अलावा उन्होंने युवाओं को 10 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण, विस्तारित आटा-दाल योजना, वृद्धावस्था पेंशन 3,100 रुपये प्रतिमाह और शगुन राशि एक लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियां केवल पंजाबियों को दी जाएंगी और अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग तथा मेधावी छात्रों को स्नातक स्तर तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
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