कौशांबी , फरवरी 24 -- कौशांबी के कांग्रेस कार्यकर्ता ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती व उनके शिष्य के विरुद्ध यौन शोषण के आरोप में दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग को लेकर 25 फरवरी को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव राम बहादुर त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जाएगा।
पूर्व प्रदेश सचिव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सही बात सुनने को तैयार नहीं है और हठधर्मिता के चलते शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथा उनके शिष्यों को परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का पद सनातन धर्म में सर्वोच्च माना जाता है।
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