शिमला , दिसंबर 14 -- हिमाचल प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कांगड़ा और मंडी में कई स्थानों पर एक क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी के सिलसिले में सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए है, जिससे निवेशकों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की धन-शोधन की जांच में तेजी आयी है।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की मदद से ईडी की टीमों ने शनिवार को मंडी जिले के सुंदरनगर और कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां में देर रात तक छापेमारी की। अधिकारियों ने तलाशी के दौरान वित्तीय दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की। उसने कम से कम पांच लोगों से उनके वित्तीय दस्तावेज और क्रिप्टोकरेंसी निवेश से संबंधित पूछताछ की।
एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया, "राज्यभर में अब तक लगभग 80 लोग एजेंसी की जांच के घेरे में आ चुके हैं। इस जांच के नतीजों के आधार पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।" एजेंसी ने हालांकि किसी भी रिकवरी या जब्ती का विवरण बताने से यह कहकर इनकार कर दिया कि जब्त सामान का मूल्यांकन अभी भी चल रहा है। ईडी के अधिकारियों ने सुंदरनगर में तहसील के चंबी गांव के रहने वाले रविकांत के घर और उसके एक साथी से जुड़े ठिकानों की भी तलाशी ली।
उस पर आरोप है कि उसने बहुत अधिक रिटर्न का वादा करके निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी स्कीम में फंसाया, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। जांचकर्ता उसके व्यावसायिक हितों की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें स्कूल ट्रांसपोर्ट सेक्टर में उसका शामिल होना भी शामिल है, जो वित्तीय लेखा-जोखा का हिस्सा है।
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