कांकेर , अप्रैल 03 -- छत्तीसगढ के कांकेर-नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी को सुरक्षा बलों ने समय रहते बरामद कर डिफ्यूज कर दिया, जिससे एक संभावित बड़ी घटना टल गई। यह कार्रवाई संयुक्त सर्च अभियान के दौरान आज की गई। राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने राज्य में आईईडी को निकालने में एक साल लग सकता है की बात अपने बहुत से साक्षात्कार के दौरान कही है।

पुलिस के अनुसार जिले में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में जिला पुलिस और 83वीं वाहिनी बीएसएफ की संयुक्त टीम थाना परतापुर क्षेत्र अंतर्गत कांकेर-नारायणपुर सीमा से लगे जंगल-पहाड़ी इलाके में सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने संदिग्ध स्थानों की गहन तलाशी ली।

03 अप्रैल 2026 को ग्राम मुरूसुलनापा के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान दो प्रेशर कुकर आईईडी बरामद किए गए। प्रत्येक आईईडी का वजन लगभग पांच किलोग्राम बताया गया है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार इन विस्फोटकों को सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से रणनीतिक स्थान पर लगाया गया था।

मौके पर मौजूद बीएसएफ की बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) को तत्काल बुलाया गया, जिन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए दोनों आईईडी को सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया था, ताकि किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान की आशंका न रहे।

पुलिस ने बताया कि सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में नक्सलियों की गतिविधियों को देखते हुए लगातार निगरानी और सर्च अभियान चलाए जा रहे हैं। बरामद आईईडी से यह स्पष्ट है कि नक्सली बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।

इस मामले में थाना परतापुर में प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा बलों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से नक्सलियों की एक बड़ी साजिश विफल हो गई।

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