कांकेर, दिसंबर 26 -- त्तीसगढ में ग्राम बड़े तेवड़ा जिला कांकेर में हुई ग्रामीणों के बीच आपस में मारपीट, पुलिस पर पथराव, पुलिस के द्वारा उपद्रवियों पर बल प्रयोग और तीन चर्चों में हुए कथित हमलों के बाद जिले में मूल धर्म में वापसी की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है।
आमाबेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेतेवड़ा में घटित घटनाक्रम के बाद कांकेर जिले के विभिन्न इलाकों में सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में तेजी आई है। इसी क्रम में कोरर-लखनपुरी गांव में आयोजित एक हिंदू सम्मेलन के दौरान ईसाई समुदाय से जुड़े चार लोगों ने अपने मूल हिंदू धर्म में वापसी की। इस कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में लोग आयोजन स्थल पर उपस्थित रहे।
स्थानीय पत्रकार से मिली जानकारी के अनुसार, घर वापसी करने वाले ये चारों लोग पिछले लगभग चार वर्षों से ईसाई समुदाय से जुड़े हुए थे। सम्मेलन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कराई गई और परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार उनका स्वागत किया गया। ग्रामीणों द्वारा पैर धुलाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किए जाने का दृश्य आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। इस अवसर पर गांव के वरिष्ठ नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा क्षेत्र के प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
ग्रामीणों और आयोजकों का कहना है कि घर वापसी करने वाले सभी लोगों ने बिना किसी दबाव के, अपनी स्वेच्छा से मूल धर्म में लौटने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी प्रकार के विवाद या तनाव से बचते हुए संवाद और आपसी समझ के माध्यम से समाज को मजबूत किया जाना चाहिए।
यह पूरा मामला कांकेर जिला क्षेत्र के ग्राम कोरर-लखनपुरी से जुड़ा हुआ है, जहां हाल के दिनों में सामाजिक गतिविधियों में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
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