सुकमा , मार्च 21 -- छत्तीसगढ़ में सुकमा जिले के कोंटा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्रा के गर्भवती होने के मामले में अधीक्षिका को निलंबित कर दिया गया है।

कलेक्टर अमित कुमार ने पदीय कर्तव्यों में लापरवाही पाए जाने पर यह कार्रवाई की। जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई में गर्भवती शब्द का उल्लेख नहीं किया है। जिला प्रशासन की ओर से "स्वास्थ्य संबंधी सूचना" शब्द का उपयोग किया गया है।

जिला पीआरओ से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार,विद्यालय में रहने वाली कक्षा 10वीं की छात्रा के स्वास्थ्य संबंधी सूचना 17 मार्च को मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था। जांच दल ने 20 मार्च को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें अधीक्षिका माहेश्वरी निषाद द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की पुष्टि हुई। जांच प्रतिवेदन के अनुसार संस्था के सुचारू संचालन में कमी पाई गई और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई।

कलेक्टर अमित कुमार ने इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत मानते हुए माहेश्वरी निषाद (मूल पद: प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला ओडडीनगुड़ा) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोंटा नियत किया गया है। साथ ही, आगामी आदेश तक विद्यालय के संचालन का प्रभार सहायक अधीक्षिका को सौंपा गया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा एवं संस्थागत अनुशासन के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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