श्रीनगर , अप्रैल 18 -- सालाना हज यात्रा की के लिए शनिवार को जायरीन का पहला जत्था श्रीनगर से सऊदी अरब के लिए रवाना हुआ। जायरीन को रवाना करने के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला खुद हवाई अड्डे पर मौजूद रहे। एक अधिकारी ने बताया कि इस साल जम्मू-कश्मीर से कुल 4,764 लोग हज करेंगे। इनमें से आज 431 जायरीन का पहला जत्था श्रीनगर से मदीना मुनव्वरा के लिए रवाना हुआ। रवानगी के पहले दिन श्रीनगर से तीन उड़ानों ने उड़ान भरी। इनमें कुल 431 मुसाफिर शामिल थे, जिनमें 230 पुरुष और 201 महिलाएं थीं।
इस्लाम के पांच अरकान में से एक हज है, जो मुसलमानों के लिए बेहद अहमियत रखता है। हर अकीदतमंद अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार इस पवित्र यात्रा पर जाने की इच्छा रखता है।
वादी में हाजियों की रवानगी का मंजर काफी जज्बाती और खुशगवार रहा। जायरीन के घरों पर रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों का तांता लगा रहा, जो दुआएं देने और स्वागत करने के लिए जमा हुए थे।
बड़ी संख्या में लोग हाजियों के साथ बेमिना स्थित हज हाउस तक गये, जिससे वहां का पूरा इलाका जश्न और आंखों में नमी के मिले-जुले जज्बात का गवाह बन गया।
बेमिना हज हाउस में बेहद भावुक पल देखने को मिले, जहां अपनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और उनकी आंखें भर आयीं, जबकि फिजाओं में मजहबी नारे गूंज रहे थे। एक जायरीन ने कहा, "हम अमन, खुशहाली और सबकी खैरियत के लिए दुआ करेंगे।" जम्मू-कश्मीर इंतजामिया ने हज हाउस में तमाम जरूरी इंतजामात किये हैं।
कश्मीर के मीरवाइज उमर फारूक ने जायरीन से गुजारिश की कि वे न सिर्फ अपने लिए, बल्कि उन मुल्कों में अमन के लिए भी दुआ करें जहां जंग के हालात हैं।
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