श्रीनगर , दिसंबर 09 -- कश्मीर पुलिस की आपराधिक शाखा के आर्थिक अपराध विंग ने बारामूला के सरकारी अनाज भंडारों से चावल के गबन के आरोप में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों (एफसीएससीए) के तीन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यह चार्जशीट 2020 की एक एफआईआर के आधार पर दायर की गयी है। इस आरोप पत्र में बारामूला के तत्कालीन तहसील आपूर्ति अधिकारी सिराज-उद-दीन भट, तत्कालीन स्टोरकीपर हाइगाम अन्न भंडार मोहम्मद हुसैन भट और तत्कालीन तहसील आपूर्ति अधिकारी हाइगाम अन्न भंडार मोहम्मद शफी राथर उर्फ शफी कांडा का नाम शामिल है।

तीनों पर रणबीर दंड संहिता की धारा 409, 420 और 120-बी के तहत आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और साज़िश का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि यह मामला एफसीएससीए निदेशालय से मिली एक जानकारी से शुरू हुआ, जिसमें हाइगाम और बारामूला (सेंटर डी) के गोदामों से चावल के संदिग्ध गबन का संकेत मिला था।

सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक जांच शुरू की गई और क्राइम ब्रांच कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अनाज की खेप की डिलीवरी और रसीदों की सच्चाई की जांच करने के लिये एक संयुक्त औचक निरीक्षण का आदेश दिया।

जांच में पता चला कि अधिकारियों की देखरेख में हाइगाम के लिये भेजे गये चावल के सात ट्रकों को कागजों में वागूरा, नौपोरा, काठिगन जठियार, कलंत्रा और डांडमोह के बिक्री केंद्रों में बांट दिया गया था। इन सभी केंद्रों ने साफ तौर पर ऐसा कोई भी राशन मिलने से इनकार कर दिया। उनके आधिकारिक रिकॉर्ड ने भी इस इनकार की पुष्टि की।

इस मामले की जांच में पता चला कि पलहालन पट्टन के सह-स्टोरकीपर मोहम्मद शफी राठर ने सिराज-उद-दीन भट से धोखे से रसीद हासिल की थीं। बाद में हाइगाम के तहसील आपूर्ति अधिकारी मोहम्मद हुसैन भट की मदद से चोरी को अंजाम दिया गया था।

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