श्रीनगर , दिसंबर 16 -- जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने मंगलवार को कश्मीर घाटी में कई स्थानों पर आतंकी मामले में छापेमारी की और पूछताछ के लिए 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक तलाश अभियान में एक संदिग्ध आतंकी समर्थक नेटवर्क को निशाना बनाया गया, जो कथित रूप से सामाजिक कार्यों की आड़ में इसे अंजाम दे रहा था।

उन्होंने बताया कि 2023 में दर्ज मामले में तलाशी वारंट प्राप्त होने के बाद श्रीनगर, बारामूला, अनंतनाग, पुलवामा, कुपवारा, बडगाम और शोपियां सहित सात जिलों में 12 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। यह मामला विश्वसनीय खुफिया जानकारी से प्राप्त हुआ जिससे संकेत मिलता है कि जम्मू-कश्मीर में कुछ लोग जनसंचार माध्यमों, सोशल मीडिया, मानवाधिकार मुद्दों, पर्यावरण मुद्दों और महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्लेटफार्मों का दुरुपयोग भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए गंभीर रूप से हानिकारक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं।

गुप्त जांच से पता चला कि उनके अलगाववादी समूहों एवं प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से संदिग्ध संबंध थे। सीआईके की जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से कुछ व्यक्ति कथित रूप से एन्क्रिप्टेड संचार अनुप्रयोग का उपयोग कर पाकिस्तान स्थित आतंकी संचालकों के संपर्क में थे। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री जब्त की गई, जिसमें 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 14 सिम कार्ड शामिल हैं, जिनकी अब विस्तृत फोरेंसिक जांच की जा रही है। जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों से साजिश की मोटी परतें खुलने की उम्मीद है, और जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पुलिस ने आगे कहा कि पूरी साजिश का पता लगाने, अन्य साजिशकर्ताओं एवं सहयोगियों की पहचान करने और सीमा पार बैठे आतंकवादी-अलगाववादी संचालकों के साथ उनके संचार की कड़ी को उजागर करने के लिए जांच चल रही है।

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