श्रीनगर , अप्रैल 17 -- कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक वी.के. बिरदी की अध्यक्षता में घाटी में आगामी कार्यक्रमों के लिए व्यवस्थाओं का आकलन करने और अंतिम रूप देने के लिए एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, सीआईडी और सेना सहित कई सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिसमें मौजूदा सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने और संवेदनशील स्थानों पर समन्वित तैनाती सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

पुलिस ने हालांकि आयोजनों का विवरण नहीं दिया, लेकिन पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले यह समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है जिसने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा दिया था। यह समीक्षा आगामी वार्षिक दरबार स्थानांतरण के मद्देनजर भी हो रही है जिसके तहत सरकारी कार्यालयों को मई की शुरुआत में जम्मू से श्रीनगर स्थानांतरित किया जाना है।

पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से आगामी आयोजनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया। विचार-विमर्श में मौजूदा सुरक्षा संरचना को और मजबूत करने तथा महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर कर्मियों की तैनाती को इष्टम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

श्री बिरदी ने अधिकारियों को राष्ट्रविरोधी तत्वों पर निगरानी तेज करने और अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने पर्यटकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने हेतु प्रमुख पर्यटन स्थलों सहित संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए अंतर-जिला सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखने पर भी बल दिया।

श्रीनगर शहर में प्रभावी यातायात प्रबंधन के संबंध में विशेष निर्देश जारी किए गए, जिसमें भीड़ भाड़ को कम करने, वाहनों का सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने और जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के उद्देश्य से एक व्यापक यातायात योजना को लागू करने के निर्देश दिए गए।

आईजीपी कश्मीर ने हज व्यवस्थाओं से संबंधित तैयारियों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तीर्थयात्रियों की सुरक्षित एवं व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्धारित स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा, सुविधा एवं समन्वय सुनिश्चित करें।

श्री बिरदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया ताकि सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली गलत सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने घाटी के संवेदनशील क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर घेराबंदी और तलाशी अभियान तेज करने का भी आह्वान किया।

पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि बैठक आगामी सभी आयोजनों के सुचारू एवं सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए तैयारी, समन्वय और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के दृढ़ संकल्प के साथ समाप्त हुई।

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