नयी दिल्ली , जनवरी 22 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को केरल की यात्रा पर जायेंगे जहां वह तिरुवनंतपुरम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार ये परियोजनाएं रेल संपर्क, शहरी आजीविका, विज्ञान और नवाचार, नागरिक-केंद्रित सेवाओं तथा उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित हैं। ये नागरिकों के समावेशी विकास, प्रौद्योगिकी संबंधी प्रगति और जीवन की गुणवत्ता में सुधार पर प्रधानमंत्री की निरंतर प्राथमिकता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री रेल संपर्क को बड़ी मजबूती देते हुए चार नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे जिनमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस और एक यात्री गाडी शामिल हैं। इनमें नागरकोइल-मंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस, तिरुवनंतपुरम-तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस, तिरुवनंतपुरम-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस तथा त्रिशूर-गुरुवायूर के बीच नयी यात्री ट्रेन शामिल है। इन सेवाओं के शुरू होने से केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच लंबी दूरी और क्षेत्रीय संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा यात्रियों के लिए यात्रा अधिक सुलभ, सुरक्षित और समयबद्ध बनेगी। बेहतर संपर्क से पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

श्री मोदी शहरी आजीविका को सशक्त बनाने के प्रयासों के तहत पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड का शुभारंभ करेंगे, जो सड़क विक्रेताओं के लिए वित्तीय समावेशन के अगले चरण का प्रतीक है। यूपीआई से जुड़ी यह ब्याज मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा त्वरित नकदी उपलब्ध कराएगी, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देगी और लाभार्थियों को औपचारिक क्रेडिट में मदद करेगी। प्रधानमंत्री पीएम स्वनिधि योजना के तहत एक लाख लाभार्थियों को ऋण भी वितरित करेंगे, जिनमें केरल के सड़क विक्रेता भी शामिल हैं। वर्ष 2020 में शुरू होने के बाद से पीएम स्वनिधि योजना ने बड़ी संख्या में लाभार्थियों को पहली बार औपचारिक ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई है और शहरी अनौपचारिक कामगारों के बीच गरीबी उन्मूलन और आजीविका सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में प्रधानमंत्री तिरुवनंतपुरम में सीएसआईआर-एनआईआईएसटी इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप केन्द्र की आधारशिला रखेंगे। यह केन्द्र जीवन विज्ञान और जैव-अर्थव्यवस्था पर केंद्रित होगा, आयुर्वेद जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी से जोड़ेगा, सतत पैकेजिंग और ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देगा तथा स्टार्टअप सृजन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करेगा। यह शोध को बाजार के लिए तैयार समाधानों और उद्यमों में बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा।

स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना भी इस दौरे की प्राथमिकता होगी। प्रधानमंत्री तिरुवनंतपुरम स्थित श्री चित्रा तिरुनाल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में अत्याधुनिक रेडियोसर्जरी केंद्र की आधारशिला रखेंगे। यह सुविधा जटिल मस्तिष्क विकारों के लिए अत्यंत सटीक उपचार प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्रीय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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