दंतेवाड़ा , दिसंबर 27 -- प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के तहत जिले में उद्यानिकी और कृषि क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। यदि बागवानी कृषि को उन्नत तकनीक, इंटरक्राफ्टिंग और नए कृषि प्रयोगों के साथ अपनाया जाए, तो यह किसानों के लिए नियमित और स्थायी आय का प्रमुख साधन बन सकती है।

यह बात जिला कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने ग्राम मसेनार, गंजेनार, श्यामगिरी, हितावर एवं मैलावाड़ा के कृषकों से संवाद के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन उद्यानिकी कृषकों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध करा रहा है और इच्छुक किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिया जाएगा।

दौरे के प्रथम चरण में कलेक्टर ने मसेनार और श्यामगिरी में विकसित किए जा रहे ऑयल पाम रोपण का अवलोकन किया। मसेनार में कृषक भीमा द्वारा 5 एकड़ में 286 ऑयल पाम पौधों का रोपण किया गया है, जबकि श्यामगिरी में कृषक अनिल कोरर्म ने 15 एकड़ क्षेत्र में ऑयल पाम की खेती की है। कलेक्टर ने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऑयल पाम दीर्घकालिक और लाभकारी फसल है तथा इसके बीच रिक्त स्थानों में अन्य फसलों की इंटरक्राफ्टिंग कर दोहरा लाभ लिया जा सकता है। उन्होंने सिंचाई के लिए कुआं और डबरी निर्माण को प्राथमिकता देने की सलाह भी दी। इसके बाद गंजेनार में आम और नारियल रोपणी का निरीक्षण किया गया, जहां कई किसानों द्वारा उन्नत किस्मों का रोपण किया गया है।

कलेक्टर ने पौध संरक्षण, कीट नियंत्रण और विपणन पर चर्चा की तथा किसानों की बिजली सहित अन्य समस्याओं पर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। हितावर में महिला पशुपालक सरोजिनी बघेल के डेयरी फार्म का अवलोकन कर पशुपालन को आय का सशक्त माध्यम बताया गया। वहीं मैलावाड़ा में मत्स्य कृषक जयराम कश्यप के तालाब का निरीक्षण कर मत्स्य पालन से रोजगार की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

दौरे के दौरान उद्यानिकी, कृषि, पशुधन एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी, जनपद पंचायत के अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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