जगदलपुर , अप्रैल 02 -- छत्तीसगढ के जगदलपुर जिले में प्रशासनिक दक्षता और कार्यक्षमता को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा कर्मयोगी भारत अभियान के अंतर्गत साधना सप्ताह की शुरुआत की गई है। कलेक्टर कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में आयोजित सात दिवसीय यह कार्यक्रम आठ अप्रैल तक संचालित होगा। अभियान के तहत जिले के 41 विभागों को एक मंच पर लाकर सुशासन की दिशा में समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

जिला जनसंपर्क अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम की रूपरेखा वैज्ञानिक तरीके से तैयार की गई है। इसमें राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और लोक निर्माण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को दो सत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रातः सत्र 11 से 12 बजे और अपराह्न सत्र तीन से चार बजे तक आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण में डिजिटल साक्षरता, नई तकनीकों और भविष्य की आवश्यकताओं पर विशेष फोकस रखा गया है। प्रत्येक प्रतिभागी के लिए न्यूनतम चार घंटे का प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य किया गया है, जिसे आई गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के पाठ्यक्रमों और वेबिनार के माध्यम से हासिल किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, जलवायु परिवर्तन और ग्रामीण विकास जैसे समकालीन विषयों पर भी जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण को प्रेरक बनाने के लिए डिजिटल बैज और प्रमाणपत्रों की व्यवस्था की गई है, वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों को लीडरबोर्ड में स्थान दिया जाएगा।

कार्यक्रम का समापन आठ अप्रैल को होगा, जिसमें पूरे सप्ताह की गतिविधियों की समीक्षा और अनुभव साझा किए जाएंगे। अपर कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को समापन सत्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी और आम जनता को बेहतर व त्वरित सेवाएं मिल पायेंगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित