बेंगलुरु , फरवरी 04 -- कर्नाटक में कथित शराब घोटाले और आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने बुधवार को कहा कि वे विधानसभा परिसर के भीतर शुरू किया गया अपना धरना तब तक जारी रखेंगे और जब तक कि आबकारी मंत्री आर.बी. तिम्मापुर को मंत्रिमंडल से हटाया नहीं जाता।

यह विरोध प्रदर्शन मंगलवार से शुरू हुआ और पूरी रात चला। भाजपा विधायक रातभर विधानसभा के भीतर ही डटे रहे। विधायकों ने विपक्षी लाउंज में फर्श पर सोकर रात बिताई और सुबह अपने बिस्तर समेटते हुए देखे गए। आंदोलन के दौरान भाजपा विधायकों ने पूरी रात विधानसभा परिसर में कीर्तन भी किए। धरने में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, पूर्व उपमुख्यमंत्री सी.एन. अश्वथ नारायण और विधायक महेश तेंगिनकाई सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

श्री अश्वथ नारायण ने कांग्रेस नीत राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया गया है और आबकारी विभाग एक बड़े "राजस्व स्रोत" के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि विभाग "एटीएम सरकार" बन चुका है, जहां शराब विक्रेताओं, अधिकारियों के तबादलों और लाइसेंस जारी व नवीनीकरण के लिए तयशुदा वसूली की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया, "हमने कहा है कि मंत्री आबकारी विभाग से सालाना करीब 6,000 करोड़ रुपये वसूलते हैं। हमने इसके सबूत भी दिए हैं और उनके इस्तीफे की मांग करते हैं।"इस आंदोलन को जनता दल (सेक्युलर) का भी समर्थन मिला। जद(एस) नेता सी.बी. सुरेश बाबू ने भी आबकारी मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल निर्णय लेने का आग्रह किया।

भाजपा विधायक सीमेंट मंजू ने दावा किया कि एक ऑडियो रिकॉर्डिंग से मंत्री तक पैसे पहुंचने की बात सामने आई है और इसे पेन ड्राइव में सौंपा गया है। वहीं नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा कि मामले की शिकायत लोकायुक्त में भी की गयी है और ऑडियो की फॉरेंसिक जांच क्यों नहीं कराई जा रही, यह बड़ा सवाल है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए श्री विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि वे मंत्री को बचा रहे हैं और कर्नाटक "कांग्रेस हाईकमान के लिए एटीएम" बन गया है। उधर, कांग्रेस विधायक अशोक पट्टन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है और यदि कोई गड़बड़ी होती तो मुख्यमंत्री कार्रवाई कर चुके होते। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि मंत्री के खिलाफ कार्रवाई होने तक विधानसभा के भीतर दिन-रात धरना जारी रहेगा।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के ज़रिए इकट्ठा किया गया रिश्वत का पैसा दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार पर खर्च करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार चुनावी मकसद से केरल और तमिलनाडु में पैसे भेजने के लिए मजबूर थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित