बेंगलुरु , मार्च 16 -- कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को विधायकों के सवालों का मंत्रियों की ओर से जवाब नहीं दिये जाने से नाराज विधानसभा अध्यक्ष के सदन से बाहर चले जाने के बाद विपक्ष के नेता आर. अशोक ने राज्य सरकार को 'मृत' घोषित कर दिया।

श्री अशोक ने विधानसभा के बाहर मीडिया से कहा कि सोमवार की कार्यवाही के दौरान उठाए गए 230 से अधिक प्रश्नों में से केवल 50 के उत्तर मिले। उन्होंने जवाबदेही की कमी की आलोचना करते हुए कहा, "यह 30 प्रतिशत भी नहीं है। पिछले 10 दिनों में प्रतिक्रिया दर लगातार 30 प्रतिशत से नीचे रही है।"विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और मंत्री डी.के. शिवकुमार का नाम लेते हुए सरकार पर आंतरिक विभाजन का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 30 मंत्रियों में से केवल दो या तीन ही नियमित रूप से विधानसभा में आते हैं। उन्होंने कहा, "फिर भी, हम विधानसभा के कामकाज, यात्रा और अन्य खर्चों पर प्रतिदिन 3-4 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। यह करदाताओं के पैसे की भारी बर्बादी है।"श्री अशोक ने श्री सिद्दारमैया से विधानसभा में औपचारिक माफी की मांग की और इस अव्यवस्था को कांग्रेस के लिए 'शर्मनाक' बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की निष्क्रियता के कारण सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हो रहा है।

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