बेंगलुरु , जनवरी 29 -- कर्नाटक विधानसभा में फोन टैपिंग विवाद छाया रहा। भारतीय जनता पाटी (भाजपा) विधायक सुरेश कुमार ने कानून मंत्री डॉ. शरण प्रकाश पाटिल की टिप्पणियों का संदर्भ देते हुए सिद्दारमैया सरकार के कामकाज पर सवाल उठाया और कानून मंत्री से इस बाबत सफाई पेश करने की जरूरत बताई।

श्री सुरेश कुमार ने जनवरी 2011 में तत्कालीन राज्यपाल एचआर भारद्वाज से जुड़े इसी तरह के एक मामले को याद करते हुए श्री पाटिल के बयानों को एक गंभीर चिंता का विषय बताया जो सरकार और विधानसभा में जनता के विश्वास को कम कर सकता है। उन्होंने मांग की, "क्या लोक भवन का फोन टैप किया जा रहा है? कानून मंत्री को इस पर सफाई देनी चाहिए।"सत्र जल्द ही हंगामे में बदल गया। विपक्षी विधायकों ने सरकार पर पाटिल के दावे का समर्थन करने वाले दस्तावेजी सबूत देने का दबाव डाला।

सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने भाजपा के आरोपों का जवाब देने की कोशिश में कहा कि लोक भवन में न केवल दिल्ली से बल्कि राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय केशव कृपा से भी कॉल आ रहे थे।

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