बेलगावी , दिसंबर 18 -- कर्नाटक विधानसभा ने द्वेषपूर्ण भाषण (हेट स्पीच) और द्वेषपूर्ण अपराध (हेट क्राइम) पर रोक लगाने के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार को 'हेट स्पीच और हेट क्राइम रोकथाम विधेयक, 2025' पारित किया।

इस विधेयक का मकसद ऐसे अपराधों को रोकना है जो सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ते हैं या धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि यह कानून कड़ी सज़ा का प्रावधान करता है। द्वेषपूर्ण अपराध के दोषी पाये जाने वालों को कम से कम एक साल की सज़ा होगी, जिसे सात साल तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

विधेयक के अनुसार, बार-बार अपराध करने वालों को कम से कम दो साल जेल की सज़ा हो सकती है और जुर्माना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया जाएगा। सरकार ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यह कानून न सिर्फ अपराधियों को सज़ा देना चाहता है, बल्कि पूरे कर्नाटक में ज़िम्मेदार भाषण और सांप्रदायिक सहिष्णुता की संस्कृति को बढ़ावा देना भी चाहता है।

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