बेंगलुरु , फरवरी 04 -- कर्नाटक में 6,000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाला मामले ने बुधवार को बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कुछ ऑडियो क्लिप का हवाला दिया है जिनमें कथित तौर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं। इस मुद्दे को लेकर भाजपा विधायक मंगलवार रात से ही विधानसभा के भीतर धरने पर बैठे हैं और आबकारी मंत्री आर बी तिम्मापुर के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

कर्नाटक प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने पत्रकारों को बताया कि 'ऑडियो रिकॉर्डिंग' में कथित तौर पर जिला-स्तर के एक अधिकारी, आबकारी आयुक्त और एक बिचौलिये के बीच बातचीत है। इसमें आबकारी मंत्री, उनके बेटे और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नाम का जिक्र है। उन्होंने कहा कि सबूत सरकार की 'मजबूती' के हिसाब से नहीं पेश किये जा सकते और जोर दिया कि सही जांच के लिए मंत्री का इस्तीफा जरूरी है।

श्री विजयेंद्र ने 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, "एक सही जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।" उन्होंने मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयाेगियों पर एक दागी मंत्री को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा और जद(एस)ने यह मुद्दा विधानसभा में सही जवाबदेही तय करने के लिए उठाया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक 'कांग्रेस हाईकमान के लिए एटीएम' बन गया है और दावा किया कि कार्रवाई करने में हिचकिचाहट मुख्यमंत्री के इस डर से पैदा हुई है कि जांच सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच सकती है। पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने सिद्दारमैया सरकार के ही पिछले कार्यकाल का उदाहरण दिया, जब पूर्व गृह मंत्री केजे जॉर्ज ने इस्तीफे दिया था और बेगुनाह साबित होने के बाद उन्हें फिर से बहाल कर दिया गया था।

विपक्ष के नेता आर अशोक ने धरने का नेतृत्व किया और आरोप लगाया कि शराब लॉबी ने आबकारी मंत्री की ओर से लगभग 6,000 करोड़ रुपये जमा किये हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा विपक्षी दल का नहीं, बल्कि 'बार एसोसिएशन' और 'वाइन स्टोर एसोसिएशन' का है।

श्री अशोक ने दावा किया कि ऑडियो और वीडियो सबूत मौजूद हैं। इनमें एक उपायुक्त और एक संयुक्त आयुक्त सहित वरीय अधिकारियों को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि मंत्री को करोड़ों रुपये देने थे। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त के सामने पहले ही शिकायत दर्ज की जा चुकी है और आरोप लगाया कि लोकायुक्त पुलिस का अपनी मर्जी से दर्ज किया गया बयान कबूलनामे जैसा है।

इसे 'कर्नाटक में सबसे बड़ी लूट' बताते हुए श्री अशोक ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक बयान का भी जिक्र किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कर्नाटक के शराब के पैसे से 700 करोड़ रुपये पड़ोसी राज्य के चुनावों में इस्तेमाल किये गये थे।

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