बागलकोट , फरवरी 13 -- कर्नाटक में बागलकोट जिला प्रशासन ने इलकल तालुक में बंधुआ बनाकर रखे गए ओडिशा के 34 प्रवासी मजदूरों को बचाव अभियान के तहत मुक्त करा लिया है।

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इन श्रमिकों को कथित तौर पर तस्करी कर लाया गया था और एक ईंट भट्ठे पर बंदी बनाकर उनसे जबरन काम कराया जा रहा था। जिला प्रशासन को इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई।

बचाव अभियान जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर संकलापुर गांव में स्थित एक ईंट भट्ठे पर चलाया गया। प्रशासन को सूचना मिली थी कि यहाँ कई व्यक्तियों को बंधक बनाया गया है और उन्हें बंधुआ मजदूरी की शर्तों के तहत काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस ताजा कार्रवाई के साथ ही पिछले तीन महीनों में बागलकोट जिले में बचाए गए बंधुआ मजदूरों की कुल संख्या अब बढ़कर 99 हो गई है।

बागलकोट के उपायुक्त एम. संगप्पा ने बताया कि प्रशासन ने शिकायत मिलते ही तुरंत कदम उठाए। जिला श्रम अधिकारी रमेश एस. सुम्बद ने पुष्टि की है कि संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत ईंट भट्ठा मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

श्रमिकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले गैर-सरकारी संगठन 'स्पंदना एसोसिएशन' की शिकायत पर यह पूरी कार्रवाई संभव हो सकी। संगठन की निदेशक सुशीला ने बताया कि मुक्त कराए गए 34 लोग नौ अलग-अलग परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। इन परिवारों को एक तस्कर ने प्रति परिवार 20,000 से 30,000 रुपये के अग्रिम भुगतान का लालच देकर अपने जाल में फंसाया था। शुरुआत में उन्हें बताया गया कि उन्हें विजयवाड़ा में रोजगार दिया जाएगा, लेकिन बाद में उन्हें यहां पहुँचा दिया गया।

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