बेंगलुरु , जनवरी 15 -- कर्नाटक में चने की खेती करने वाले लाखों किसान इन दिनों मुसीबत में हैं। इसकी वजह है कि चने की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएपी) से बहुत ज्यादा नीचे आ गयी हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर इस मसले पर फौरन कदम उठाने की मांग की है।

मुख्यमंत्री ने इस पत्र में कहा है कि राज्य भर में चना किसानों को मजबूरी में अपनी फसल बेहद कम दामों पर बेचनी पड़ रही है। प्रमुख मंडियों में कीमतें एमएसपी से 800 रुपये से 1,200 रुपये प्रति क्विंटल तक कम चल रही हैं। यह हालत तब है कि जब फसल की सबसे ज़्यादा आवक होनी शेष है। मुख्यमंत्री ने केंद्र से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत एमएसपी पर खरीद के लिए केंद्र से तुरंत दखल देने को कहा है।

श्री सिद्दारमैया ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस साल रबी के लिए चने की एमएसपी 5,875 रुपये प्रति क्विंटल का ऐलान किया था जबकि मौजूदा कीमतें 4,260 रुपये से 5,813 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर तुरंत खरीद शुरू नहीं की गई तो कीमतों में और गिरावट आ सकती है।

कीमतों में गिरावट को मार्केट की गड़बड़ी के बजाय एक मानवीय संकट बताते हुए श्री सिद्दारमैया ने कहा कि एमएसपी का प्रभावी खरीद में न बदल पाना, किसानों का उस संस्थागत ढांचे पर से भरोसा खत्म कर रहा है जो उनकी रक्षा के लिए बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए पीएसएस के तहत चना खरीदने की मंज़ूरी देने और नेफेड और एनसीसीएफ जैसी केंद्रीय नोडल एजेंसियों को बिना किसी देरी के पूरे कर्नाटक में खरीद केंद्र शुरू करने का निर्देश देने का आग्रह किया।

श्री सिद्दारमैया ने भरोसा दिलाया कि कर्नाटक सरकार पीएसएस तंत्र के तहत अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य ने सभी ज़रूरी सूचनायें जारी कर दी हैं, लागू करने वाली शाखाओं को तय कर दिया है, आवश्यक हलफनामे प्रस्तुत कर दिये हैं, और किसानों के पंजीकरण, भंडारण, परिवहन और राज्य करों में छूट देने का वादा किया है।

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