बेंगलुरु/दिल्ली , फरवरी 02 -- कर्नाटक शिक्षा विभाग ने रमजान के महीने में उर्दू माध्यम के प्राथमिक और माध्यमिक प्राथमिक विद्यालयों के कार्य समय में संशोधन किया है।

उर्दू एवं अन्य अल्पसंख्यक भाषा विद्यालय निदेशालय के जारी निर्देश के अनुसार, रमजान की शुरुआत से एक महीने के लिये इन विद्यालयों में कक्षाएं सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चलेंगी।

इस निर्णय पर राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आयी हैं। संशोधित समय सारणी पर कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा, "समय बदलने और अन्य चीजों के बारे में आपको प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री से पूछना होगा, लेकिन तुष्टीकरण सही नहीं है। जब कोई हर मामले में आपके समान नहीं होता है जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तो आपको क्या लगता है कि संविधान में शुरू से ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को आरक्षण क्यों दिया गया है? आपको क्या लगता है कि संविधान में ही पिछड़े वर्गों पर विचार क्यों किया गया?"वहीं दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने राज्य सरकार के इस कदम की आलोचना की और आरोप लगाया, "कर्नाटक तेजी से चरमपंथी तुष्टीकरण की राजनीति का केंद्र बनता जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार धार्मिक आधार पर तुष्टीकरण में आकंठ डूबी है और इस कदर अंधी हो गयी है कि वह बच्चों तक को धार्मिक आधार पर प्रभावित करने पर आमादा दिख रही है।"उर्दू एवं अन्य अल्पसंख्यक भाषा विद्यालय निदेशालय के निर्देश में कहा गया है कि समय का यह समायोजन उन छात्रों और कर्मचारियों को समायोजित करने का इरादा है, जो रमजान के दौरान उपवास रखते हैं। यह पूरे महीने प्रभावी रहेगा।

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