बेंगलुरु , अप्रैल 02 -- कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में 22 साल की एक मेडिकल छात्रा ने अपनी निजी जिंंदगी के बारे में फैली अफवाहों की वजह से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
छात्रा राघवेंद्र आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में बीएएमएस के आखिरी साल की छात्रा थी और बुधवार सुबह मल्लाडीहल्ली में अपने घर के बेडरूम में फंदे से लटकी मिली। उसके परिवार का दावा है कि जो बात एक प्राध्यापक के साथ उसके रिश्ते के बारे में फुसफुसाहट से शुरू हुई थी, वह जल्द ही कॉलेज के अंदर लगातार मजाक और सामाजिक बहिष्कार में बदल गई।
उसके पिता उमाशंकर के अनुसार कुछ सहपाठियों का एक ग्रुप अफवाहें फैला रहा था कि छात्रा और एक प्राध्यापक के बीच कोई गलत रिश्ता है। उन्होंने कहा कि ये आरोप लगातार मजाक का विषय बन गए, जिसका उसकी मानसिक सेहत पर गहरा असर पड़ा।
पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया, "हर दिन उसे परखा जाता था। उसके बारे में फुसफुसाहटें होती थीं और उसे अपमानित किया जाता था।" उन्होंने कहा कि उसके चरित्र पर लगातार लगाए जा रहे लांछन ने उनकी बेटी को भावनात्मक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था।
पुलिस ने बताया कि कमरे से बरामद एक सुसाइड नोट में उस मानसिक पीड़ा का ज़िक्र है जो उसने उत्पीड़न की वजह से झेली थी। जांचकर्ता नोट की बातों की जांच कर रहे हैं और परिवार की शिकायत के आधार पर एक मामला दर्ज कर लिया है। जांच जारी है।
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