बेलगावी , दिसंबर 10 -- कर्नाटक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने बुधवार को राज्य की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि कथित धर्मस्थल षड्यंत्र के पीछे असली मास्टरमाइंड कोई उपेक्षित कार्यकर्ता नहीं, बल्कि "मुख्यमंत्री के नजदीकी" लोग थे जो सरकारी तंत्र के भीतर से काम कर रहे थे।

श्री विजयेंद्र ने दावा किया है कि तथाकथित खोपड़ी गिरोह की , जिसमें शिकायतकर्ता और कुछ कार्यकर्ता शामिल हैं, धर्मस्थल मंदिर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और श्रृद्धालुओं के बीच अविश्वास पैदा करने के लिए रची गई एक गहरी साजिश थी। उन्होंने कहा "कर्नाटक के लोग पूछ रहे हैं कि यह साजिश किसने रची। एसआईटी ने केवल कुछ गुर्गों को गिरफ्तार किया है। लेकिन इसके पीछे कौन हैं? ये मुख्य साजिशकर्ता बाहरी लोग नहीं हैं बल्कि मुख्यमंत्री के करीबी हैं।"उन्होंने कहा , "राज्य सरकार आलोचनाओं से बचने के लिए एसआईटी की आड़ ले रही है। जब पूरा राज्य जानता है कि पर्दे के पीछे कौन है, तो आप यह कहते नहीं रह सकते कि जांच जारी है। कोई भी व्यक्ति आपको बता सकता है कि इस अराजकता से किसे फायदा हुआ। एसआईटी को यह स्पष्ट बात कहने में छह महीने क्यों लग रहे हैं?" उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने एसआईटी को मुख्य रूप से मध्यस्तरीय लोगों को निशाना बनाने की अनुमति दी, जबकि राजनीतिक रूप से असुविधाजनक नामों को जांच के दायरे से बाहर रखा गया है।

श्री विजयेंद्र ने कहा, "यह किसी नकाबपोश व्यक्ति या किसी बदमाश गिरोह का मामला नहीं है। यह हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने और एक सम्मानित संस्था को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश है। इसके मुख्य साजिशकर्ताओं के नाम उजागर होने चाहिए।" उन्होंने मांग की है कि एसआईटी की पूरी रिपोर्ट तुरंत पेश की जाए और सरकार यह स्पष्ट करे कि क्या उसके अपने ही तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी इसमें शामिल थे।

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