बैतूल , फरवरी 05 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से जुड़े लगभग 9.84 करोड़ रुपए की साइबर ठगी और ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के मामले की जांच अब राज्य साइबर एवं उच्च तकनीकी अपराध थाना, भोपाल को सौंप दी गई है।

जांच में सामने आया कि पूरा नेटवर्क दुबई कनेक्शन के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है, जिसके चलते मामले को राज्य स्तरीय एजेंसी को ट्रांसफर किया गया।

यह मामला तब उजागर हुआ, जब अहिल्यानगर जिले के एक खाताधारक के बैंक खाते में संदिग्ध राशि आने पर बैंक ने खाता सीज कर दिया। शिकायत के बाद साइबर सेल की जांच में सुराग बैतूल जिले के खेड़ी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा तक पहुंचे, जहां एक मजदूर बिसराम के खाते में करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ।

पूछताछ में बिसराम ने पूरे मामले से अनभिज्ञता जताई और इसकी शिकायत बैतूल एसपी व कलेक्टर से की। इसके बाद जिला साइबर सेल ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग एप्स के जरिए देशभर में एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जो करोड़ों रुपये का लेन-देन कर रहा था।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए "मनी म्यूल अकाउंट्स" का इस्तेमाल किया। अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत, अमित अग्रवाल, राजेन्द्र राजपूत और ब्रजेश महाजन शामिल हैं। वहीं शुभम माहेश्वरी उर्फ रॉनी, नेल्सन और आकाश जैन उर्फ मुशी दुबई में रह रहे हैं और फरार बताए जा रहे हैं।

डीजीपी के आदेश व एसपी कार्यालय के निर्देशों के तहत बुधवार को बैतूल पुलिस ने केस डायरी, एफएसएल ड्राफ्ट, जब्त डिजिटल सामग्री और सभी जांच दस्तावेज राज्य साइबर थाना भोपाल को सौंप दिए हैं।

एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा है और इसमें उन्नत साइबर तकनीक की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए इसे राज्य साइबर पुलिस को सौंपा गया है।

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