बैतूल , अप्रैल 16 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मानवता का एक मार्मिक उदाहरण सामने आया है, जहां करंट से गंभीर रूप से झुलसे एक लंगूर को स्थानीय युवकों ने 35 किलोमीटर तक अपनी गोद में बैठाकर निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। घटना बुधवार को आठनेर क्षेत्र में हुई।
जानकारी के अनुसार, आठनेर में अम्मा जी दरगाह के पास बिजली के पोल पर बैठा लंगूर अचानक शॉर्ट सर्किट की चपेट में आ गया और नीचे गिर पड़ा। घटना को देख रहे फल व्यवसायी दुर्गा तायवाड़े ने तत्परता दिखाते हुए लंगूर को उठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद स्थानीय युवक सुनील सोनकर, लोकेश सोनी, चंदन वाघमारे और राजेश उसे प्राथमिक उपचार के लिए आठनेर पशु चिकित्सालय ले गए।
प्राथमिक उपचार के दौरान लंगूर को दो इंजेक्शन दिए गए, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला मुख्यालय बैतूल रेफर कर दिया। युवकों ने अस्पताल प्रबंधन से सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की मांग की, किंतु ड्राइवर उपलब्ध न होने की बात कहकर वाहन देने से मना कर दिया गया। इसके बाद युवकों ने बिना देर किए अपनी निजी स्कॉर्पियो वाहन से लंगूर को गोद में बैठाकर बैतूल पशु चिकित्सालय तक पहुंचाया।
बैतूल में पशु चिकित्सक डॉ. मृदुला सिन्हा ने लंगूर का परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि उसके बाएं हाथ की कलाई बुरी तरह झुलस गई है और हड्डियां भी टूट गई हैं। इसके अलावा पेट का बड़ा हिस्सा भी गंभीर रूप से जल चुका है। लंगूर की स्थिति चिंताजनक होने पर वन विभाग को सूचित किया गया।
सूचना मिलने पर वनरक्षक अविनाश मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पशु की गंभीर हालत को देखते हुए उसे उन्नत उपचार के लिए भोपाल स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान रेफर कर दिया गया है।
इधर, उपचार में प्रारंभिक स्तर पर हुई देरी को लेकर युवकों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। घटना ने एक ओर जहां युवकों की संवेदनशीलता को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर आपात स्थिति में सरकारी व्यवस्थाओं की उपलब्धता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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