देहरादून , मार्च 12 -- विश्व गुर्दा दिवस पर उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में गुरुवार को आयोजित नुक्कड़ नाटक में बताया गया कि भोजन में नमक की मात्रा कम करके हम अपनी किडनी को खराब होने से बचा सकते हैं। साथ ही, कम चीनी और शराब तथा धूम्रपान का त्याग कर किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं।

संदेश दिया गया कि भोजन में कम नमक का उपयोग हाई ब्लड प्रैशर के जोखिम को कम करने का बेहतर तरीका है।

एम्स की ओर से किडनी रोगों पर जन जागरूकता के लिए श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रमों में आज संस्थान के गुर्दा रोग विभाग की ओपीडी एरिया में नर्सिंग छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर किडनी को खराब होने से बचाव के तरीके बताए गए। साथ ही समझाया गया कि किडनी रोगियों के लिए किस प्रकार का आहार लाभकारी होता है। ओपीडी में मौजूद रोगियों और उनके तीमारदारों को नाटक के माध्यम से बताया गया कि किडनी हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और गलत खान-पान से किडनी खराब हो सकती है। बताया गया कि भोजन में नमक की मात्रा न्यूनतम रखने से हम अपनी किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं।

नाटक के दौरान विभिन्न संदेशों द्वारा सलाह दी गयी कि शराब और धूम्रपान के सेवन से बचा जाय और भोजन में कम प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाय। ज्यादा प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से गुर्दे को ज्यादा काम करना पड़ता है और शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को निकालने के लिए गुर्दों की क्षमता कम हो जाती है। डिब्बाबंद भोजन से बचने और चीनी का कम उपयोग भी किडनी के लिए लाभकारी बताया गया।

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