बैतूल , अप्रैल 26 -- मध्यप्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद शिक्षा विभाग ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों पर सख्ती शुरू कर दी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 0 से 30 प्रतिशत परिणाम वाले स्कूलों का ब्यौरा तलब कर सभी जिलों को 10 दिनों के भीतर विस्तृत जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं।

जिले के समग्र परिणाम में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 79.71 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 80.84 प्रतिशत की तुलना में 1.13 प्रतिशत कम है। वहीं कक्षा 12वीं का परिणाम 74.01 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के 69.55 प्रतिशत से 4.46 प्रतिशत अधिक है। जिले में 151 शासकीय हाईस्कूल और 138 हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुसार कक्षा 12वीं में तीन स्कूलों का परिणाम 30 प्रतिशत से कम रहा है। इनमें शासकीय मॉडल स्कूल भीमपुर का 8.33 प्रतिशत, शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल कावला का 15.63 प्रतिशत और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल भीमपुर का 21.88 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया है।

इसी तरह कक्षा 10वीं में भी तीन स्कूलों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल कावला का परिणाम 15.63 प्रतिशत, शासकीय स्कूल ढोढरामऊ का 27.49 प्रतिशत और कन्या शाला भीमपुर का 29.03 प्रतिशत रहा है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार कम परिणाम के कारणों की गहन समीक्षा कर जिम्मेदार शिक्षकों और प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि शिक्षकों की ड्यूटी विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में लगे रहने से पढ़ाई प्रभावित होने की बात भी सामने आई है, जिस पर विचार किया जा रहा है।

वहीं आदिवासी क्षेत्रों, विशेषकर भीमपुर ब्लॉक में स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या भी चिंता का विषय बनी हुई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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