जयपुर , फरवरी 03 -- राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि प्रदेश में कफ सिरप से विभागीय चिकित्सक की सलाह से ली गई दवा से किसी की भी मौत होने का मामला सामने नहीं आया हैं जबकि कफ सिरप के ओवरडोज एवं साथ में अन्य बीमारियों के चलते कुछ बच्चों की मौत हुई।
श्री खींवसर ने प्रश्नकाल में प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली एवं विधायक हरिमोहन शर्मा के पूरक प्रश्नों के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कफ सिरप से प्रदेश में हुई मौतों के किसी भी मामले में विभागीय चिकित्सक द्वारा दवा के लिए 'चिकित्सकीय पर्चा' नहीं लिखा गया था। जांच में सामने आया कि माता पिता द्वारा दो साल के बच्चे को बिना चिकित्सकीय सलाह के कफ सिरप दिया गया तथा दवा की ओवरडोज के चलते बच्चे की मृत्यु हो गई। अन्य मामलों में साथ में अन्य बिमारियां (कोमॉरबिडिटी) के चलते बच्चों की मौत हुई।
उन्होंने कहा कि इन मामलों में चिकित्सक की सलाह से दवा नहीं ली गई, ऐसे में चिकित्सक दोषी नहीं नहीं है।
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