सोनभद्र , दिसंबर 17 -- करोड़ों रूपए के कफ सीरप तस्करी मामले में सोनभद्र में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुये दस हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बुधवार को बताया कि करोड़ों के कफ सिरप तस्करी मामले में वाराणसी के गोला दिनानाथ निवासी सत्यम कुमार गुप्ता को राबर्ट्सगंज के चण्डी तिराहे से गिरफ्तार किया गया है। इनके गिरफ्तारी को लेकर दस हजार का इनाम घोषित किया गया था।
इससे पहले पुलिस की संयुक्त टीम कोलकाता से कफ सीरप तस्करी के मास्टर माइंड भोला प्रसाद जायसवाल को गिरफ्तार कर सोनभद्र लायी थी। पुलिस ने जांच के लिए न्यायालय के आदेश पर उसे चार दिन की रिमांड पर लिया था। भोला प्रसाद जांच के लिए रांची ले जाया गया। रांची में की गयी जांच में वाराणसी निवासी सत्यम कुमार का नाम सामने आया था।
गिरफ्तार अभियुक्त सत्यम गुप्ता ने ग्राम बरकरा कमरही रोड रॉबर्ट्सगंज सोनभद्र के पते पर किराए का मकान लेकर मां कृपा मेडिकल के नाम से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र व शपथ पत्र आदि दस्तावेज के आधार पर औषधि विभाग सोनभद्र से ड्रग लाइसेंस प्राप्त किया था। उक्त मां कृपा मेडिकल जो मौके पर स्थापित नहीं है, के पते पर शैली ट्रेडर्स रांची झारखंड प्रोपराइटर भोला प्रसाद एवं शुभम जायसवाल से लगभग 06 करोड़ का फेन्साडिल कफ सीरप क्रय दिखाकर जनपद भदोही नई बाजार स्थित फर्जी फर्में आयुष इन्टरप्राइजेज, सनाया मेडिकल, दिलीप मेडिकल जो मौके पर स्थापित नहीं हैं, के नाम विक्रय दिखाकर उनके खातों से पैसे रोटेट कराकर प्राप्त कर लगभग 06 करोड़ रुपए शैली ट्रेडर्स के खाते में ट्रांजैक्शन किया गया है।
एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान अभियुक्त सत्यम गुप्ता ने बताया कि उसके बुआ के लड़के रवि गुप्ता के नाम पर"माँ कृपा मेडिकल"तथा उसके भाई विजय गुप्ता के नाम पर शिविक्षा फार्मा स्थापित कराई गई। दोनों फर्मों के लिए ग्राम बरकरा, रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र में किराये पर दो कटरे की दुकान लेकर उसी पते पर औषधि निरीक्षक, सोनभद्र के कार्यालय से जनवरी 2024 में ड्रग लाइसेंस बनवाया गया। अभियुक्त ने बताया कि माँ कृपा मेडिकल के नाम पर शैली ट्रेडर्स, रांची (झारखंड), जिसके प्रोपराइटर पहले भोला जायसवाल थे तथा बाद में उनके पुत्र शुभम जायसवाल प्रोपराइटर बने। वर्ष 2024-2025 के दौरान लगभग छह करोड़ का न्यू फेन्साडिल सीरप कागजों में क्रय दर्शाया गया। इसी प्रकार उसके भाई विजय गुप्ता की फर्म शिविक्षा फार्मा के नाम से भी लगभग छह करोड़ का न्यू फेन्साडिल सीरप क्रय दिखाया गया।
अभियुक्त के अनुसार, उक्त सीरप को जनपद भदोही स्थित फर्जी फर्मों आयुष इंटरप्राइजेज, सनाया मेडिकल एवं दिलीप मेडिकल (नई बाजार) को कागजों में सप्लाई दिखाया गया। अभियुक्त ने यह भी बताया कि उसे न्यू फेन्साडिल की प्रति शीशी क्रय-विक्रय पर एक रुपये का लाभ दिया जाता था, जिसे उसने प्राप्त किया है। अभियुक्त ने बताया कि उसके द्वारा अपनी फर्म माँ कृपा मेडिकल के नाम से शैली ट्रेडर्स से दर्शाई गई लगभग छह करोड़ की क्रय राशि अपने बैंक खाते से इंडियन बैंक स्थित शैली ट्रेडर्स के खाते में ट्रांजैक्शन की गई।
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