नयी दिल्ली , जनवरी 16 -- दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने असंगठित श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों तथा निर्माण श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने और नियमों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए।
श्री मिश्रा ने श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रकाशन एवं अधिसूचना से संबंधित तैयारियों को लेकर शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। श्रम मंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित करें कि असंगठित श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों तथा निर्माण श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों को समेकित कर चार श्रम संहिताएं-वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता-लागू की जा रही हैं। इन श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देना तथा सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों एवं गिग/प्लेटफॉर्म श्रमिकों को भी शामिल किया गया है, ताकि उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जा सकें। इसी प्रकार, अब तक भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 के अंतर्गत आने वाले निर्माण श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के दायरे में लाया गया है।
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