जयपुर , फरवरी 08 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड पर केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में दिए बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच जब से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को दी हैं तब से आज तक श्री कन्हैयालाल का परिवार न्याय का इंतजार कर रहा है।

श्री गहलोत ने रविवार को अपने बयान में कहा कि श्रीमती सीतारमण ने संसद में बयान दिया है कि उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड में कोई एक्शन नहीं लिया गया। यह तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत एवं भ्रामक है। राजस्थान पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए कुछ ही घंटों में हत्यारों को गिरफ्तार किया था। फिर पुलिस से मामला लेकर केंद्र सरकार ने जांच एनआईए को दे दी। तब से 2022 से आज दिन तक 2026 तक श्री कन्हैयालाल का परिवार न्याय का इंतजार कर रहा है।

उन्होंने कहा " गृह मंत्री अमित शाह से मैं बार- बार पूछता हूं कि क्या हुआ हत्यारों को सजा कब मिलेगी तो वो जवाब नहीं देते हैं।" उन्होंने कहा कि श्री कन्हैयालाल के हत्यारे भाजपा के कार्यकर्ता थे। इनको अभी तक सजा नहीं मिलने के कारण जनता के मन में आशंका पुष्ट होती जा रही है कि भाजपा कार्यकर्ता होने के कारण इन दोनों को इतने ओपन एंड शट केस होने के बावजूद इन्हें सजा नहीं दी जा रही है।

श्री गहलोत ने कहा कि चुनावों के समय भाजपा ने पांच लाख वर्सेज 50 लाख का झूठ बोलकर इस मुद्दे का इस्तेमाल किया लेकिन सच यह है कि श्री कन्हैयालाल के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा दिया गया एवं उनके दोनों पुत्रों को सरकारी नौकरी दी गई। चुनाव के बाद अब गृह मंत्री जब भी राजस्थान आते हैं तो इस मुद्दे पर चुप रहते हैं, मामले को गोल कर जाते हैं। देश की जनता यह सब देख रही है और समय आने पर आपकी जवाबदेही तय की करेगी।

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